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दो आंशु- पूनम अग्रवाल (मीनू)

Posted On: 31 Aug, 2016 में

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दो आंशु

अनचाहे ही अपनी पलकों से,
दो बूँद आंसू मैंने बहा दिए,
वो बह गए मेरे गालों पर और बोले मेरे कानों में,
क्यों जुदा किया हमको,
यह प्यारा आशियाँ बनाया था हमने सालों से ॥

किस भूल कि हमको दी सजा,
हमको अपने ही घर से होना पड़ा हमको जुदा,
अछा मेरे सपनो के महल
तुमको कहते हैं हम “पूनम” अलविदा ||

पूनम अग्रवाल (मीनू)



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